NCD screening: गौतमबुद्ध नगर स्वास्थ्य विभाग के लिए इस बार अच्छी खबर आई है। नॉन कम्युनिकेबल डिजीज (एनसीडी) स्क्रीनिंग की प्रदेश स्तरीय रैंकिंग में जिले को सातवां स्थान मिला है। यह रैंकिंग डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर जैसी बीमारियों की पहचान, इलाज और मरीजों की निगरानी के आधार पर तैयार की गई है। गाजियाबाद और मेरठ को छोड़ा पीछे ताजा रैंकिंग में गौतमबुद्ध नगर ने गाजियाबाद और मेरठ को पीछे छोड़ दिया है। दोनों जिले अब क्रमशः आठवें और नौवें स्थान पर हैं। रैंकिंग सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों में खुशी का माहौल है। तय लक्ष्य के अनुसार हुई जांच स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, 30 साल से अधिक उम्र के लोगों की स्क्रीनिंग पर विशेष ध्यान दिया गया। जिले को 58,040 लोगों की जांच का लक्ष्य मिला था। अभियान के दौरान हजारों लोगों की जांच की गई, जिनमें बड़ी संख्या में लोगों का ब्लड प्रेशर और शुगर टेस्ट किया गया। जांच में सामने आए संदिग्ध मामले स्क्रीनिंग के दौरान 2,676 ऐसे लोग मिले जिनमें बीमारी की आशंका थी। इन्हें आगे जांच और इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया। वहीं 2,515 लोगों का इलाज शुरू कराया गया। कुछ मरीजों की नियमित निगरानी भी की जा रही है ताकि उनकी सेहत पर नजर रखी जा सके। मेहनत का मिला परिणाम शासन स्तर पर हुई समीक्षा में पाया गया कि स्क्रीनिंग के बाद मरीजों के उपचार और फॉलोअप का प्रतिशत बेहतर रहा। इसी आधार पर जिले को प्रदेश में सातवां स्थान दिया गया। अधिकारियों का मानना है कि टीमवर्क और लगातार चलाए गए अभियान का असर अब रैंकिंग में दिखाई दे रहा है। पहले 47वें नंबर पर था जिला इस उपलब्धि की अहमियत इसलिए भी बढ़ जाती है क्योंकि कुछ समय पहले तक गौतमबुद्ध नगर की स्थिति काफी पीछे थी। वर्ष 2023-24 में जिला 47वें स्थान पर था। अब सीधे सातवें स्थान तक पहुंचना स्वास्थ्य विभाग के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। अधिकारियों ने टीम को सराहा मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मदन मोहन मणि त्रिपाठी ने इस सफलता पर विभाग की पूरी टीम को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि आगे भी अस्पतालों और स्वास्थ्य शिविरों के माध्यम से ज्यादा लोगों तक जांच और उपचार की सुविधा पहुंचाने की कोशिश जारी रहेगी। ये भी पढ़े : दादरी के 7 गांवों की जमीन अधिग्रहण प्रक्रिया तेज, रेलवे ने जारी की 20-ई अधिसूचना